
पणजी। ऐसा माना जाता है कि बॉलीवुड फिल्मों में गोवा के ईसाई लोगों को हमेशा मद्यपान करने वालों के रूप में दिखाया जाता है लेकिन अब यहीं के एक फिल्मकार ने एक फिल्म पेश कर यहां के मुख्य पादरी को इस धारणा की पड़ताल करने के लिए कहा है।
राजेंद्र तलक की फिल्म 'ओ मारिया' मंगलवार को 41वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित हुई। तलक कहते हैं कि उन्होंने हिदी फिल्मों में गोवावासियों को हमेशा शराबी दिखाए जाने की शिकायत करने वाले मुख्य पादरी फिलिप नेरी फेरो (रोमन कैथोलिक समुदाय के धार्मिक नेता) के लिए इस फिल्म के एक विशेष प्रदर्शन की व्यवस्था की है।
तलक ने बुधवार को कहा, "हिंदी फिल्मों में यदि गोवा से कोई किरदार लिया जाता है तो उसे शराबी ही दिखाया जाता है जिससे हर गोवावासी पर शराबी होने का ठप्पा लग रहा है। यह गलत है। मैं चाहता हूं कि मुख्य पादरी यह फिल्म देखें।"
तलक की फिल्म में शरनाज पटेल, सुलभा आर्य और अमेरिकी अभिनेता कोरी गोल्डबर्ग ने अभिनय किया है। पूर्व में कई ईसाई समूह हिंदी फिल्मों में गोवा के कैथोलिक समुदाय के लोगों के घरों में महिलाओं को छोटे कपड़े पहने और पुरुषों को बीयर के नशे में डूबा दिखाए जाने का विरोध करते रहे हैं।
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